भागलपुर:बूढ़ी मां को किया नजरबंद,महिला आयोग ने छुड़ाया

एक बूढ़ी मां के महज दस हजार पेंशन हड़पने की नीयत से उसे कमरे में कथित रूप नजरबंद  करने का मामला शनिवार को सामने आया।  बेटी अमृता द्विवेदी ने अपने ही भाई मिथिलेश  तिवारी पर अपनी 75 वर्षीया मां को डेढ़ साल  से कैद करने का आरोप लगाया। चार जनवरी  को उसकी शिकायत पाकर महिला आयोग  सदस्या निक्की हेम्ब्रम भागलपुर पहुंचीं और  वृद्धा को उसके घर से निकालकर जांच के  लिए डॉक्टर के पास पहुंचाया। इस दौरान  बेटी ने भाई पर मां को ड्रग्स देकर बीमार  करने का भी आरोप लगाया। बेटी अमृता ने  मां को अपने साथ रखने की बात कही तो बेटे  मिथिलेश ने कहा, वह शुरू से ही अपनी मां  को साथ रख रहा है। आयोग सदस्या ने बेटी- बेटे के दावों को सुनने के बाद 30 जनवरी  को पटना तलब किया है। पटना में ही अायोग  फैसला करेगा। फिलहाल एक निजी अस्पताल  में वृद्धा को इलाज के लिए भर्ती करवाया  गया है। दरअसल, फूलमणि देवी के पति एनएस तिवारी का निधन 23 जुलाई को हो  गया था। वे टीचर्सट्रेनिंग कॉलेज भागलपुर में  हेड क्लर्क थे। पति के देहांत के बाद वह मंझले  बेटे मिथिलेश के साथ रह रही थीं। वे डिप्रेशन  की शिकार हैं और उनका इलाज डॉ. एसएन  सिंह से करवाया जा रहा है। महिला आयोग की  टीम जब भीखनपुर गुमटी नंबर 12 के समीप  फूलमणि देवी के घर पहुंची तो वे पूजा घर  में लेटी थीं। उनके दोनों हाथों की अंगुलियां  मुड़ी थीं। वह खुद से उठ भी नहीं पा रही थी।  पुलिस को देखकर छोटी बहू राखी भी उनसे  मिलने कमरे में गई। सास को देखते हुए वे  हाथ पकड़कर रोने लगीं। जैसे ही पुलिस वृद्धा को थाने लाने लगी तो मिथिलेश ने सड़क पर  हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा, मेरी मां कहीं  नहीं जाएगी। पुलिस ने सख्ती की तो वे जमीन  पर लेट गए और शोर मचाने लगे। उन्होंने कहा  कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस  के समझाने पर वे माने और कहा, मैं भी मां के  साथ जाऊंगा। इसके बाद इशाकचक थाने में  महिला आयोग सदस्या निक्की हेम्ब्रम ने पूर्व डिप्टी मेयर डॉ. प्रीति शेखर व अन्य के सामने  उनकी गवाही ली। छोटी बहू राखी ने आयोग  सदस्या को बताया, एक ही घर में रहने के  बाद भी उन्हें मां से मिलने नहीं दिया जाता।

बेटी अमृता ने कहा, मैं अपनी मां को साथ रखना चाहती हूं। सबकी बात सुनने के बाद  वृद्धा फूलमणि देवी ने कह दिया कि उसका  बेटा उसे परेशान नहीं करता। इसे सुनने के  बाद आयोग सदस्या ने कहा, अभी वे डिप्रेस्ड हैं। सभी पांचों भाई-बहनों को 30 जनवरी को  पटना बुलाया। यहीं फैसला होगा।पहले भी बेटे पर हो चुका है केस  अमृता द्विवेदी ने बताया कि इससे  पहले पिता एनएन तिवारी ने 2015  में कोर्ट में मिथिलेश तिवारी के  खिलाफ केस किया था। उन्होंने  कहा था कि उनका बेटा बुढ़ापे में  उनका ख्याल नहीं रखता है। इसपर  मिथिलेश कुमार ने कहा कि मैं 16  वर्षों से साथ रहा है। बाद में तीन  साल के लिए पिता ने मुझे अलग  होने कहा तो अलग हो गया। फिर  डेढ़ साल से साथ रह रहे हैं।

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