बिहार:-राज्य के शहरों में पॉलीथन पे पूर्ण पाबन्दी पर अनिश्चितता बरक़रार

पटना : राज्य  के शहरी नगर निकायों में पॉलीथिन के कैरी बैग पर प्रतिबंध लगने की तिथि को  लेकर अभी भी अनिश्चितता बरकरार है. अभी तक 25 अक्टूबर से पॉलीथिन कैरी बैग  पर  प्रतिबंध लगने की बात कही जा रही थी. दरअसल पाबंदी के मसले पर  अधिसूचना जारी करने वाले वन एवं  पर्यावरण विभाग और पाबंदी को लागू करने वाले विभाग विशेष रूप से  बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रुख  परस्पर विरोधाभासी हैं.  बात साफ है कि पर्यावरण की बेहतरी के लिए पॉलीथिन  पर पूर्ण  पाबंदी अभी भी दूर की कौड़ी बनी हुई है. उपभोक्ता और बाजार भी इस  मसले पर सशंकित है.   वन एवं पर्यावरण विभाग अभी भी गजट प्रकाशन के 60  दिनों के बाद पॉलीथिन कैरी बैग पर पूर्ण रोक लगाने की बात कर रहा है, जबकि  गजट प्रकाशन की बात अभी दूर-दूर तक कहीं नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक वन एवं पर्यावरण विभाग की  15 अक्टूबर को जारी की गयी  अधिसूचना में  पॉलीथिन पाबंदी की तिथि में स्पष्टता नहीं दिख रही है.  वहीं  पॉलीथिन   प्रतिबंध से जुड़े ड्राफ्ट तैयार करने वाले बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण  पर्षद का   अभी भी कहना है कि शहरी नगर निकायों में पॉलीथिन के कैरी बैग पर  25 अक्टूबर से प्रतिबंध  शुरू हो जायेगा.  प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के  अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार घोष का कहना है कि प्रतिबंध को गुरुवार से लागू  कर दिया जायेगा, लेकिन इसमें 60 दिनों के बाद भंडारण, बिक्री और उपयोग पर  दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी.  ऐसे में जानकारों का कहना है कि जब दंडात्मक  कार्रवाई 60 दिन के बाद से शुरू होगी, तो फिर 25 अक्टूबर से पूर्ण  प्रतिबंध कैसे प्रभावी मान लिया जाये? 60 दिनों की छूट का मतलब क्या? प्रदूषण  नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष के अनुसार प्रतिबंध के बाद 60 दिनों तक स्टॉक  समाप्त करने की छूट दी गयी है. अलबत्ता सवाल ये उठ रहा है कि  शहरी नगर  निकायों में इसके उपयोग व बिक्री पर रोक लग जायेगी तो इसके भंडारण को कैसे  समाप्त किया जायेगा? इस पर संतोषजनक उत्तर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास  नहीं है. पर्षद के अध्यक्ष ने कहा कि इस पर पर्यावरण वन एवं जलवायु विभाग  के अाला अधिकारी ही स्थिति को स्पष्ट कर सकते हैं. तय की गयी है जिम्मेदारी         अधिसूचना में पॉलीथिन को   प्रतिबंधित करने की जिम्मेदारी तय की गयी है.  इसमें पर्यावरण एवं वन  विभाग  के प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, बिहार  राज्य  प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष और सदस्य सचिव, सभी जिलाें के  डीएम और  एसपी, अनुमंडल पदाधिकारी व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर निगम के  नगर  आयुक्त, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हैं. कार्रवाई करने वालों को भी जानकारी नहीं          विभाग की ओर से जो सूचना जारी की गयी है उसमें स्थानीय नगर निकास व संबंधित  जिलाधिकारी को इस पर दुकानों की जांच करने, उन पर कार्रवाई करने व शहर के  प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग को पूर्ण प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी दी गयी  है. लेकिन, फिलहाल राजधानी में इन दोनों विभाग के संबंधित अधिकारी को ठीक  से इसकी जानकारी नहीं है कि रोक को लेकर कब से  कार्रवाई शुरू करनी है. अधिकारी यही कह रहे हैं कि जब अधिसूचना आने के बाद जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू होगी. दंडात्मक प्रावधान         राजपत्र   में अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद इसके निर्देशों का उल्लंघन पर्यावरण   (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-15 के तहत दंडनीय है. इसमें अधिकतम पांच   वर्ष  तक की जेल या एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकता है. किसी भी   निर्देश के उल्लंघन की स्थिति में बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की   धारा-421 और 422 के अंतर्गत बनाये गये उपविधियों के अनुरूप जप्ती,   जुर्माना, अपराधशमन आदि की कार्यवाही की जा सकेगी.  क्या है अधिसूचना में          पर्यावरण, वन  एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अधिसूचना में राज्य में केवल पॉलीथिन को   प्रतिबंधित करने का उल्लेख किया गया है. बायो वेस्ट के संग्रहण और भंडारण   के लिए प्रयोग होने वाले 50 माइक्रोन से अधिक के कैरी बैग को प्रतिबंधित   नहीं किया गया है. सभी प्रकार के खाद्य और अन्य पदार्थों की पैकेजिंग, दूध   और पौधा उगाने के लिए प्रयोग होने वाले कैरी बैग को भी इससे मुक्त रखा  गया  है.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर सचिव सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पॉलीथिन पर पाबंदी से जुडी अधिसूचना जारी हो गयी है. शासन गजट प्रकाशित करेगा. प्रकाशन की तिथि अभी साफ नहीं है. प्रकाशन तिथि से 60 दिन बाद पूर्ण पाबंदी प्रभावी होगा.

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