टीएमबीयू सीनेट की हुई बैठक, बोले कुलपति:-विश्वविद्यालय में कुछ कमियाँ हैं जल्द ही उसे पूरा कर लिया जाएगा

टीएमबीयू अधिषद सदस्यों की वार्षिक बैठक कुलपति, (अतिरिक्त प्रभार) प्रो एके रॉय की अध्यक्षता में मारवाड़ी कॉलेज सभागार में संपन्न हुई। उक्त बैठक में प्रति कुलपति प्रो राम यतन प्रसाद, कुलसचिव अरुण कुमार सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो योगेन्द्र, कुलानुशासक प्रो बीआर दास, मानविकी सन्कायाध्यक्ष प्रो बहादुर मिश्र, पीजी अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो यूके मिश्रा समेत तमाम पीजी विभागों के अध्यक्ष, टीएनबी प्राचार्य प्रो संजय चौधरी, मारवाड़ी प्राचार्य प्रो गुरदेव पोद्दार एवं कई अन्गीभूत कॉलेजों के प्राचार्य एवं राजभवन द्वारा मनोनीत सीनेट सदस्य जयप्रीत मिश्रा, एमएलसी संजीव सिंह, मृत्युंजय सिंह गंगा, अर्जुन सिंह, डॉ हरपाल कौर, विवि पीआरओ प्रो शंभू दत्त झा समेत तमाम सदस्य मौजूद थे।

बैठक का शुभारंभ कुलगीत गायन से हुआ। कुलपति प्रो एके राय ने विश्वविद्यालय के उपलब्धियों की चर्चा करते हुए हाल ही में संपन्न एकलव्य खेलो में विश्वविद्यालय द्वारा 30 मेडल प्राप्त करने को उपलब्धि के तौर पर सदन में प्रस्तुत किया। उन्होंने यूएमआईएस द्वारा दिए जा रहे सेवा के बारे में भी बातें रखी। नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी, जिसके माध्यम से छात्र अपना प्रमाण पत्र आदि जितनी बार चाहे डाउनलोड कर सकते हैं आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की कविताओं की कुछ पंक्तियां भी अपने संबोधन में प्रयोग किया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय हमारा है और हम सभी विश्वविद्यालय के हैं अतः जब तक हम इस विद्यालय के प्रति समर्पित नहीं होंगे तब तक बेहतर कार्य नहीं किए जा सकते हैं। छात्र, शिक्षक, पदाधिकारी एवं कर्मचारी सभी मिलकर कार्य करें। इसके बाद मंच संचालन कर रहे कुल सचिव अरुण कुमार सिंह ने बजट अभिभाषण के लिए प्रति कुलपति प्रो रामयतन प्रसाद को आमंत्रित किया। प्रति कुलपति ने बजट अभिभाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि जो अनुमानित अनुमानित बजट प्रस्तुत किया जा रहा है वह अभिषद सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। उन्होंने प्राक्लित बजट को राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों पर आधारित बताया। विश्वविद्यालय के विधिवत नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए जनवरी 2016 के पुनरीक्षित वेतनमान एवं महंगाई भत्ता का 25% मकान भत्ता 8% एवं ग्रामीण इलाकों में मकान भत्ता 6% जोड़कर नगर निगम के अंतर्गत पड़ने वाले क्षेत्रों में नियमानुसार जोड़कर बजट में प्रावधान करने की बात कही। बजट में शिक्षकों एवं कर्मियों के विभिन्न मदों में बकाया राशि का प्रावधान होने की बात कही नए पाठ्यक्रमों को संचालित करने हेतु राशि का समावेश किया गया है पीजी विभागों अंगी भूत कॉलेजों के भवनों के संधारण एवं निर्माण, दीक्षांत समारोह, परीक्षा कार्यालय इत्यादि का कंप्यूटरीकरण की व्यवस्था, प्रयोगशालाओं में उन्नयन एवं आधारित संरचना का प्रावधान, खेलकूद को बढ़ावा देने हेतु समुचित राशि का प्रावधान की बात कही। उन्होंने बजट को तीन भागों में बांटे जाने की बात कही। प्रथम भाग में विश्वविद्यालय (विवि) मुख्यालय, पीजी विभागों, संबंधित इकाइयों अंगीभूत कॉलेजों तथा छात्रावासों में स्वीकृत पदों पर नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मियों के वेतन एवं महंगाई भत्ते का प्रावधान के साथ सेवान्त लाभ व बकाए राशि के प्रावधान शामिल करने की बात कही।

■ 》जनवरी 2016 से मार्च 2019 के सप्तम वेतन मान के बकाए वेतन अंतर की राशि 67 करोड़ 67 लाख 26 हजार मई 2017 से अगस्त 2017 में बहाल शिक्षकों के वेतन आदि के लिए 12000000 शिक्षकेतर कर्मियों के लिए अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक के वेतन अंतर के लिए उन 40 करोड़ 93 लाख 87 हजार सेवानिवृत्त शिक्षकों कर्मियों के लिए 57 करोड 9334000 एवं अर्जित अवकाश के वेतनमान के बकाए के लिए उन 40 करोड़ एवं 1 सितंबर 2005 के बाद नियुक्त हुए शिक्षक एवं कर्मियों के मद में बकाया राशि 5 करोड़ का प्रावधान सम्मिलित करने की बात कही।

■》द्वितीय भाग में मुख्यतः परीक्षाओं, सांस्कृतिक निदेशालय कोष, विश्वविद्यालय क्रीड़ा-परिषद, एनएसएस पर अनुमानित आय व्यय की बात बताई।

■ तृतीय भाग में पीजी विभागों संवाद इकाइयों कॉलेज और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित पाठ्यक्रम स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम का प्रस्तावित हाईवे दर्शाया।

■》विभिन्न मदों में बजट के प्रावधान इस प्रकार बताए गए:
विश्वविद्यालय कार्यालय एवं संबद्ध दिखाई 67 करोड़ 55 लाख 73 हजार, पीजी विभाग एवं संबंधित इकाई 41 करोड़ 32 लाख 84 हजार, 12 अंगीभूत कॉलेजों को एक अरब 38 करोड़ 56 लाख 89 हजार, छात्रावास एक करोड़ 56 लाख 16 हजार, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ 2 अरब दो करोड़ 47 लाख 66 हजार, विभिन्न मद में बकाया 2 अरब 10 करोड़ 74 लाख 47 हजार, नए पाठ्यक्रम हेतु 17 करोड, अतिथि शिक्षकों के वेतन हेतु चार करोड़ 68 लाख 87 हजार, संविदा कर्मियों के वेतन हेतु 3 करोड़ 98 लाख 74 हजार, व्यय के प्रावधान का कुल योग 6 अरब 87 करोड़ 91 लाख 40 हजार तो वहीं आंतरिक स्रोत से अनुमानित आय कुल 10 करोड़ 25 लाख 95 हजार और इस प्रकार कुल अनुमानित घाटा 6 अरब 77 करोड़ 65 लाख 44 हजार प्रस्तुत किया गया जिसे अंत में सभी सदस्यों द्वारा ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

■》 सदस्यों द्वारा प्रश्नकाल के शुरुआत में सदस्य मृत्युंजय सिंह गंगा ने कई सवाल किए सीनेट सदस्य सीनेट सदस्य जयप्रीत मिश्रा ने छात्र हित में आवाज बुलंद करते हुए कहा की छात्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, छात्रों के ज्ञापन लिए जाएँ। इस पर कुलपति ने तत्काल ज्ञापन लेने की बात कही। जय प्रीत मिश्रा ने नामांकन के दौरान छात्र संघ चुनाव और खेल मद हेतु छात्रों से लिए जाने वाले 1 सौ रुपए प्रति छात्र की चर्चा करते हुए कहा कि इन पैसों का हिसाब विश्वविद्यालय दे या फिर जिस मद में खर्च हो रहा है उसका ब्यौरा दे। उन्होंने विवि एवं विभिन्न पीजी विभागों समेत कॉलेजों में छात्रों के लिए पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था कराने की बात रखी। पीजी अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष सर सीनियर सदस्य प्रो उदय कुमार मिश्रा ने सीबीसीएस सिस्टम में सुधार करने की बातें रखी। उन्होंने यह भी कहा कि पीजी कोर्स कोर्सेज में नामांकन के पूर्व एक प्रवेश परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए क्योंकि वर्तमान में आ रहे छात्रों का स्टैंडर्ड पीजी के लायक नहीं है। इसी प्रकार कई सदस्यों ने सवाल उठाये। बायोइंफॉर्मेटिक्स विभाग को बचाने, कई पीजी विभागों के जर्जर भवन, इसके बाद सभी प्रश्नों के जवाब कुलपति ने बारी बारी से दिया। अंत में राष्ट्र गान के साथ सदन की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

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