जल-जीवन-हरियाली यात्रा के तीसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीवान पहुंचे

सीवान : जल-जीवन-हरियाली यात्रा के तीसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को सीवान पहुंचे. सीवान के भगवानपुर हाट स्थित भगवानपुर कॉलेज में उन्होंने जागरूकता सम्मेलन एवं विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. यहां उन्होंने जल-जीवन-हरियाली यात्रा के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम के लिए लगाये गये विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया और झांकी देखी.

जानकारी के मुताबिक, जल-जीवन-हरियाली यात्रा के तीसरे दिन आज गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीवान में 324 करोड़ की लागत से 354 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने समाज के हर तबके के उत्थान के लिए काम किया. हमलोगों ने सड़क निर्माण पर विशेष काम किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं की शिक्षा पर ज्यादा जोर दिया. महिलाएं अगर शिक्षित हैं, तो प्रजनन दर में कमी आ सकती है. बिहार में प्रजनन दर औसत से तिगुना है. शिक्षा के सहारे प्रजनन दर को कम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि आज स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बराबर हो गयी है. शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने सुधार का काम किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी से कभी समौझता नहीं करेंगे. हमने सात निश्चय के लक्ष्य को पूरा किया है. बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है. साइकिल और पोशाक योजनाओं से स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी.

उन्होंने कहा कि 2012 में हमने हरियाली मिशन की शुरूआत की. बिहार में 19 करोड़ पौधरोपण के बाद हरित आवरण 19 फीसदी हो गया. किसानों को हमने चार यंत्रों पर अनुदान देने की शुरुआत की है. मौसम में बदलाव से परापंरागत कृषि प्रभावित होती है. इसके लिए इलाके के हिसाब से फसल चक्र तय करेंगे. साथ ही कहा कि सरकारी बिल्डिंगों में सोलर प्लेट लगा रहे हैं.

अब ऊर्जा का स्रोत सौर ऊर्जा है. सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है. इस पर हमारा जोर है. नीचे मछली और ऊपर बिजली पर काम होगा. तालाबों में मछली पालन हो रहा है. सोलर प्लांट के लिए विभाग काम करेगा. विंटर क्रॉपिंग से भी अब फायदा होगा. मछली पालन में मत्स्य विभाग मदद करेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 175 सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है. कई योजनाओं की शुरुआत की. इससे फायदा होगा. अब कृषि के लिए बिजली देंगे. पोखर, तालाब और आहर ठीक करेंगे. कृषि के लिए बिजली देंगे. उन्होंने कहा कि 21 जनवरी को मंगलवार है. इसलिए 19 जनवरी, 2020 को छुट्टी के दिन रविवार को मानव शृंखला बनायेंगे. बिजली से सिंचाई में 100 की जगह महज पांच रुपये खर्च आयेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में 175 सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है. जीवन बचाना है, तो जल और हरियाली को बचाना होगा. 31 अन्य सड़कों को विभाग की मंजूरी मिल गयी है. कुएं और हैंडपंप के बगल में सोख्ता का भी निर्माण कराया जायेगा.

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