केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबै ने प्रशासन के बाद अब कोर्ट पर साधा निशाना

केंद्रीय राज्‍य मंत्री व बीजेपी प्रत्याशी अश्विनी कुमार चौबे की ओर से बक्सर एसडीएम केके उपाध्याय के साथ बदसलूकी किए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि एक बार फिर उन्होंने विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि बक्‍सर प्रशासन के रवैये से डर का माहौल है। वे यहीं पर नहीं रुके और कहा कि न्‍यायालय का मैं सम्‍मान करता हूं, लेकिन वहां भ्रष्‍टाचार व्‍याप्‍त है। कर्मचारी दक्षिणा लेते हैं।अश्विनी चौबे के बयान वाला यह वीडियो वायरल हो रहा है।

बता दें कि 30 मार्च काे बक्‍सर जाने के क्रम में आदर्श आचार संहिता का उल्‍लंघन करने से एसडीएम ने रोका था, तो वे उनझे ही उलझ गए थे। इस पर चौबे व उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें दो अप्रैल को उन्‍हें जमानत मिली है।

दरअसल अपने बयानों से सुर्खियों में रहनेवाले स्थानीय सांसद सह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे गुरुवार को फिर बक्‍सर पहुंचे। बीजेपी ने इस बार भी उन्‍हें लोकसभा चुनाव के लिए अपना उम्‍मीदवार बनाया है। बक्‍सर के रघुनाथपुर में बीजेपी की ओर से विजय संकल्प सम्मेलन आयोजित किया गया था। उसी में भाग लेने के लिए अश्विनी चौबे और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला पहुंचे थे।

इसी दौरान मंच से भाषण देते हुए चौबे ने प्रशासन व न्‍यायालय को कठघरे में खड़ा कर दिया। खास बात कि इस बार उनके निशाने पर प्रशासन व न्‍यायालय के अलावा मीडिया भी रही। विपक्ष तो उनके निशाने पर पहले से ही है। चौबे ने जिला प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया। कहा कि जिला प्रशासन के रवैये से आम जनता में भय का माहौल है। दरअसल, पिछले दिनों अश्विनी कुमार चौबे पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज होने के बाद वे पहली बार बक्‍सर पहुंचे थे।

उन्होंने न्यायालय को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मैं न्यायालय का सम्मान करता हूं, लेकिन जिस तरीके से न्यायालय में भ्रष्टाचार व्याप्त है, वह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ती है। हमलोग चौकीदार हैं और भ्रष्‍टाचार की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

गाैरतल‍ब है कि 30 मार्च को चौबे बक्सर गए थे। एसडीएम केके उपाध्याय ने अश्विनी चौबे के काफिले को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर रोका था, जिसके बाद चौबे एसडीएम से उलझ गये थे। इसके बाद बक्सर एसडीएम ने शिकायत दर्ज की थी तथा आदर्श आचार संहिता व बदसलूकी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह सहित 150 लोगों पर आइपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। साथ ही दोनों व्यक्तियों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया था। इसी मामले में दो अप्रैल को कोर्ट ने अश्विनी चौबे को जमानत दी थी।

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