Advertisements

करीबी ने रची थी साजिश, बाइक ऑनर के स्मार्ट दोस्त ने खुलवाया था दरवाजा


अलीगंज में डॉ. रवीश कुमार के घर डाका डालने का तार डॉक्टर के किसी करीबी से जुड़ रहा है। तहकीकात के बाद पुलिस इस गुत्थी को सुलझा लिया है। इस वारदात की साजिश डॉक्टर के एक करीबी ने ही रची थी और इसमें पांच अपराधी शामिल थे। पूरा फुलप्रूफ बनाने के बाद अपराधियों ने डॉक्टर के घर पर धावा बोला था और वारदात को अंजाम दिया। इस वारदात में बाइक ऑनर के स्मार्ट दोस्त को डॉक्टर के घर का दरवाजा खोलवाने की जिम्मेदारी मिली थी, ताकि दरवाजा खोलने के समय डॉक्टर परिवार को कोई शक न हो। अपराधियों ने जैसा सोचा था, बिल्कुल वैसा ही हुआ। डॉक्टर के बेटे ने दरवाजा खोला और साथ के अपराधी डॉक्टर पुत्र को गन प्वाइंट पर लेकर घर में घुसे और लूटपाट किया।पूछताछ में ब्रजेश के दोस्त ने इसका खुलासा किया। पुलिस की तहकीकात में भी यह आया है किबाइक ऑनर ब्रजेश के दोस्त ने ही डॉक्टर के घर का दरवाजा खुलवाया था। सीसीटीवी फुटेज में भी उसका हुलिया कैद है। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर के करीबी को हिरासत में ले लिया है और उसकी निशानदेही पर चार अन्य संदिग्धों को उठा लिया है, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। डकैतीकांड का पुलिस ने करीब-करीब खुलासा भी कर लिया है, लेकिन अपराधियों के नामों को गोपनीय रखा है। ताकि की आगे की तहकीकातप्रभावित न हो और आसानी से पुलिस लूट का सामान बरामद कर ले।लूटे गए जेवर और मोबाइल की बरामदगी में जुटी पुलिस दोस्त बोला-ब्रजेश की बाइक मांग डाका डालने चले गए ब्रजेश डिजिटल स्टूडियो का संचालक बाइक ऑनर ब्रजेश कुमार (पिता संजय शर्मा) ने डीआईजी को आवेदन देकर अपनी बाइक तीन दिसंबर को चोरी होने की शिकायत की थी। जबकिहिरासत में लिए गए ब्रजेश के दोस्त ने पुलिस को बताया कि उसने ब्रजेश से मांग कर उक्त बाइक लिया था। शाम में उसी बाइक से अपने कुछदोस्तों के साथ डॉक्टर के घर डाका डालने चले गए थे। पुलिस आ गई तो बाइक को डॉक्टर के घर के बाहर छोड़कर भाग गए। बाइक का रजिस्ट्रेशन हो गया था, लेकिन अपराधियों ने उसे छिपा दिया था। उक्तबाइक यामाहा आर-15 है, जिसका नंबर बीआर-10 ए ए-6332 है। यह बाइक ब्रजेश के नाम से रजिस्टर्ड है। लूटपाट के दौरान पुलिस आ गई तो छत से कूद कर भाग निकले। उसमें एक पैर में चोट भी आई। 

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *