आलू में निकली खतरनाक जेब्रा चिप्स बीमारी,छात्राओं ने किया शोध

 भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया उपमहाद्वीप में सब्जियों के राजा आलू में एक अजीब बीमारी की खोज हुई है। इस बीमारी का नाम ‘जेब्रा चिप्सÓ है। यह बीमारी अमेरिका एवं यूरोप के देशों के बाद भारत में भी फैल गई है। विदेशों में इस बीमारी के कारण आलू की खपत कम हुई है। निर्यात में खासी गिरावट आई है। भारत में इस रोग की पहचान का श्रेय बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान की पीजी फस्र्ट सेमेस्टर की छात्राओं को जाता है।

क्या है जेब्रा चिप्स बीमारी

आलू को काटे जाने पर बैगनी रंग की धारियां दिखाई पड़ती हैं। यह जेब्रा के शरीर पर देखी जानेवाली धारियों जैसी होती हैं। यूरोप के वैज्ञानिकों ने इसलिए इस बीमारी का नाम जेब्रा चिप्स रखा। आलू को काटे जाने पर रोग का लक्षण दिखाई देता है। अजीब बीमारी इस अर्थ में कि ऊपर से आलू स्वस्थ दिखता है और भीतर से बैगनी रंग का होता है। आलू में ऐसी आकृति जीवाणुओं द्वारा पैदा होती है। ऊपर से आलू का आकार स्वस्थ्य दिखने के बावजूद भीतर काटने पर आकृति सामान्य आलू जैसी नहीं होती है।

घातक जीवाणु

आलू में पाए जाने वाले बैक्टीरिया का नाम कैंडीडेटस लिबरीबेक्टर सोलेनेसिएरम (सीएलएस) है। यह जीवाणु आलू के भीतर इस तरह प्रवेश करते हैं कि उसके ऊपरी आकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। किसानों को भी भनक नहीं लग पाती। नतीजा यह रहा कि यूरोप अमेरिका के किसानों को इससे काफी नुकसान उठाना पड़ा। इस बीमारी के कारण आलू की गुणवत्ता में कमी आती है। सामान्य आलू जैसा स्वाद नहीं होता है। ये बैक्टीरिया विषैले पदार्थ को आलू के भीतर ही छोड़ता है। तभी इसका रंग बैगनी हो जाता है।

शोध टीम में शामिल छात्र-छात्राएं

वनस्पति विज्ञान पीजी फस्र्ट सेमेस्टर की छात्राएं निशात फातिमा, पारूल, स्नेहा स्निग्ध, मालविका, नेहा कुमारी, साजिया फरहत, प्रियांशी, सौरभ झा, प्रज्ञा भारती, अनुराधा कुमारी, मेघा सिन्हा, जीतेश कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव आलोक कुमार, सुमन सौरभ श्वेता, श्वेता झा एवं अमित कुमार रहे। आलू की इस बीमारी पर शोध डॉ. श्वेता झा ने कराया।

मुजफ्फरपुर बीआरए बिहार विवि वनस्पति विज्ञान के अध्यक्ष प्रो. राजीव विमल ने कहा कि ‘छात्राओं की इस खोज पर आगे रिसर्च के लिए इसे यूजीसी को भेजा गया है। इस रोग पर निजात पाने के लिए काम की जरूरत है।

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *