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आर्थिक क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग, पहली तिमाही में विकास दर 8.2 फीसदी रही

आलोच्य तिमाही के दौरान चीन की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही. पिछली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 प्रतिशत थी.
नई दिल्ली : विनिर्माण एवं कृषि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के दम पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घरेलू अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो पिछली 15 तिमाहियों की सर्वाधिक है. सरकार ने शुक्रवार को इसके आंकड़े जारी किए. इस वृद्धि दर से सबसे तेज वृद्धि करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में देश की दावेदारी और मजबूत हो गई. आलोच्य तिमाही के दौरान चीन की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही. पिछली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 प्रतिशत थी.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के जारी बयान में कहा गया है कि 2011-2012 के स्थिर मूल्यों पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 33.74 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 31.18 लाख करोड़ रुपये था. यह वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही.

आधारभूत कीमतों के आधार पर तिमाही का सकल मूल्यवर्धन पिछले वित्त वर्ष के 29.29 लाख करोड़ रुपये की तुलना में आठ प्रतिशत बढ़कर 31.63 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इससे पहले 2014-15 की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी में सर्वाधिक तेज वृद्धि हासिल की गई. तब जीडीपी की वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही थी.

इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन 13.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1.8 प्रतिशत गिरा था. इस दौरान कृषि, वानिकी और मत्स्यपालन क्षेत्र पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के तीन प्रतिशत की तुलना में 5.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा.

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