अनहोनी की आशंका के मद्देनजर भगवान वरुण देव से कुएं का विवाह पारंपरिक तरीके से कराया गया

उदाकिशुनगंज / मधेपुरा : उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के मंजौरा गांव में अनहोनी की आशंका के मद्देनजर भगवान वरुण देव से कुएं का विवाह पारंपरिक तरीके से शनिवार को कराया गया. वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के साथ संपन्न कराये गये विवाह के बाद भंडारे का भी आयोजन कराया गया.

जानकारी के मुताबिक, मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के मंजौरा गांव स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में नवनिर्मित कुएं का पारंपरिक विवाह शनिवार को हुआ. कुएं का विवाह भगवान वरुण देव से कराया गया. मान्यता के अनुसार कुएं के निर्माण के बाद विवाह कराना जरूरी है. विवाह नहीं होने पर गांववालों में अनहोनी की आशंका रहती है. इलाके में कुएं को आस्था से जोड़ कर देखा जाता है. कुएं में देवताओं का वास होना बताया जा रहा है. इलाके में लोग कुएं को कमला माई के नाम से भी पुकारते हैं. कमला माई की पूजा भी की जाती है. देवीय स्थलों में कुंए के जल से पूजा करना शुभ माना जाता है.

 

लड़का और लड़की की शादी से पहले कुंए से पानी भराई के रस्म की परंपरा जग जाहिर है. इसके जल से स्नान करने से शरीर के पवित्र होने की भी बात कही जा रही है. वहीं, वैज्ञानिक कारण बताया जाता है कि कुआं एक ऐसी संरचना है. जिससे जमीन के अंदर स्थित जल को प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है. इसे खोदकर, ड्रिल करके (या बोर करके) बनाया जाता है. बड़े आकार के कुओं से बाल्टी या अन्य किसी बर्तन द्वारा हाथ से पानी निकाला जाता है. किंतु इनमें पंप भी लगाये जा सकते हैं. जिन्हें हाथ या बिजली से चलाया जा सकता है.

मान्यताओं के मुताबिक, कुएं के विवाह के लिए भारी यज्ञ का आयोजन हुआ. वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विवाह की परंपरा अपनायी गयी. विवाह के लिए भव्य मंडप बनाया गया. वहीं, भंडारे का भी आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में लोगों ने भोजन किया. कुंए की शादी की परंपरा को मंजौरा के निर्मल सिंह द्वारा पूर्ण कराया गया. इस मौके पर क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य रीना जायसवाल समेत पूर्व मुखिया अनिल जायसवाल, ललन सिंह, राजेश सिंह, रघुवंश प्रसाद सिंह, जितेंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व सरपंच अजय शंकर सिंह, विनय जायसवाल, सुनील जायसवाल आदि मौजूद थे.

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